Monday, May 6, 2024
Benefits of ITR Filing
Benefits Of Filing ITR- वित्त वर्ष 2023-24 और असेसमेंट ईयर 2024-25 के लिए इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) दाखिल करने का टाइम आ गया है. भारत में बहुत कम लोग ही आयकर के दायरे में आते हैं. इसलिए यहां आईटीआर रिटर्न दाखिल करने वालों की सख्या कम ही है. जिन लोगों की सालाना इनकम टैक्स दायरे में नहीं आती, वो भी आईटीआर दाखिल कर सकते हैं. रिटर्न भरने में कोई नुकसान नहीं है, बल्कि फायदा ही फायदा है. 1.आईटीआर भरने (ITR Filing) के फायदों को देखते हुए ही वित्तीय सलाहकार उन व्यक्तियों को भी इनकम टैक्स रिटर्न भरने की सलाह देते हैं, जिनकी आय इनकम टैक्स के दायरे में नहीं आती. इससे भविष्य में आपको कई तरह के लाभ मिल सकते हैं. लोन लेने, बिजनेस शुरू करने, किसी देश का वीजा लेने या बच्चों को विदेश में पढ़ाई के लिए भेजते समय आईटीआर बहुत काम आती है. 2.इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) किसी भी व्यक्ति की आय का पुख्ता प्रमाण होता है. इसे सभी सरकारी और प्राइवेट संस्थान इनकम प्रूफ के तौर पर स्वीकार करते हैं. आईटीआर भरने वाले को कार, लोन या होम लोन सहित किसी भी तरह का ऋण जल्दी मिल जाता है. 3.आईटीआर की रसीदें आपकी आय का पुख्ता प्रमाण होती हैं. अगर आप किसी दूसरे देश में जा रहे हैं तो वीजा के लिए जब आप आवेदन करते हैं तो आपसे आपकी आय का सबूत मांगा जा सकता है. आईटीआर क्योंकि आय का पुख्ता प्रमाण है, तो आप इसे पेश कर आसानी से वीजा ले सकते हैं. आईटीआर दूसरे देश के अधिकारियों को यह विश्वास दिलाती है कि आप अपनी यात्रा पर होने वाले खर्च को वहन करने में सक्षम हैं. 4.अब तो बीमा कंपनियां भी बड़े टर्म प्लान लेने वालों से उनकी आईटीआर रिसिप्ट मांगने लगी हैं. वास्तव में वे बीमा कराने वाले की आय का स्रोत जानने और उसकी नियमितता परखने के लिए ITR पर ही भरोसा करती हैं. 5.शेयर या म्यूचुअल फंड में निवेश करने वालों के लिए भी ITR बहुत मददगार है. इनमें घाटा होने की स्थिति में घाटे को अगले साल कैरी फारवर्ड कर इनकम टैक्स रिटर्न भरना जरूरी है. अगले साल कैपिटल गेन होने पर घाटे को फायदे से एडजस्ट कर दिया जाएगा और इससे आपको टैक्स छूट का फायदा मिलेगा. 6.यदि आपकी आय इनकम टैक्स के दायरे में नहीं आती, तो भी किसी वजह से TDS कट जाता है. ऐसे में आपको रिफंड तभी मिलेगा, जब आप आरटीआर दाखिल करेंगे. ITR दाखिल होने के बाद ही आयकर विभाग उसका आकलन करता है कि आप पर कर देयता बनती है या नहीं. DISCLAIMER: The views expressed are strictly of the author. The contents of this article are solely for informational purpose. It does not constitute professional advice or recommendation of firm. Neither the author nor firm and its affiliates accepts any liabilities for any loss or damage of any kind arising out of any information in this article nor for any actions taken in reliance thereon.
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